A Study of the Potential of Gen-Z in Building a Developed India

विकसित भारत के निर्माण में जेन-जी की संभावनाओं का अध्ययन (https://doi.org/10.5281/zenodo.23005748)

Authors

  • Dr. Gajendra Singh 'Madhusudan' Author

Keywords:

जेन-जी, लाभांश, डिजिटल, जनाधिक्य, इकॉनमी, मिलेनियल्स, जेन-अल्फा।

Abstract

भारत की विशाल युवा आबादी किस प्रकार मानव पूँजी, श्रम शक्ति, उद्यमिता, नवाचार, तकनीकी परिवर्तन, सामाजिक परिवर्तन, लोकतांत्रिक भागीदारी और सतत विकास के माध्यम से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान दे सकती है। भारत के पास युवा मानव संसाधन का बड़ा जनांकिकीय आधार है, लेकिन जनसांख्यिकीय लाभांश अपने-आप आर्थिक लाभांश में परिवर्तित नहीं होता। हालांकि शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य, रोजगार, लैंगिक समानता और सामाजिक सुरक्षा में पर्याप्त निवेश के माध्यम से युवा आबादी को वास्तविक विकास-शक्ति में बदला जा सकता है। देश का युवा वर्ग जो मुख्यतः जेन-जी पीढी से संबद्ध है, उसे विकासात्मक भूमिका में लाने की आवश्यकता है, अर्थात जेन-जी को शिक्षा, कौशल, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार, डिजिटल क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित करके विकसित भारत की आधारशिला बनाया जा सकता है। भारत के आर्थिक विकास में जेन-जी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि युवा वर्ग किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए श्रमशक्ति, उत्पादकता, नवाचार, उद्यमिता और उपभोग का प्रमुख आधार होता है। भारत की विशाल युवा आबादी को यदि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, रोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो यही जनसंरचना भारत के लिए जनसांख्यिकीय लाभांश में परिवर्तित हो सकती है। प्रस्तुत शोध वर्तमान भारतीय सामाजिक-आर्थिक एवं राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में जेन-जी की विकासात्मक भूमिका के परीक्षण का प्रयास करता है। भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शिक्षा, रोजगार, कौशल, नवाचार, उद्यमिता, स्वास्थ्य, सामाजिक समावेशन, पर्यावरणीय स्थिरता और सुशासन जैसे आयाम भी शामिल हैं। विकसित भारत @2047 का उद्देश्य स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगाँठ तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इस लक्ष्य की सफलता में जेन-जी की भूमिका इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत की जनसंरचना में जेन-जी का अनुपात काफी अधिक है। इसलिए प्रस्तुत शोध मूलतः यह जानने का प्रयास है कि यदि युवा शक्ति को पर्याप्त अवसर, संसाधन और संस्थागत समर्थन दिया जाए तो उसका वास्तविक प्रभाव विकसित भारत के निर्माण पर कितना पड़ सकता है?

Author Biography

  • Dr. Gajendra Singh 'Madhusudan'

    Assistant Professor (Economics), Goswami Tulsidas Government Post-Graduate College, Karwi, Chitrakoot, Uttar Pradesh

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Published

2026-09-30

How to Cite

A Study of the Potential of Gen-Z in Building a Developed India: विकसित भारत के निर्माण में जेन-जी की संभावनाओं का अध्ययन (https://doi.org/10.5281/zenodo.23005748). (2026). Bundelkhand Journal of Academic Research, 2(3). https://bjss.in/index.php/bjar/article/view/62