A Critical Study of Sustainable and Inclusive Development in the Context of Decentralization and Public Participation

विकेंद्रीकरण और जनसहभागिता के संदर्भ में सतत एवं समावेशी विकास का समालोचनात्मक अध्ययन (https://doi.org/10.5281/zenodo.23005699)

Authors

  • Dr. Brajendra Singh Author
  • Dr. Lal Bahadur Ram Author

Keywords:

विकेंद्रीकरण, जनसहभागिता, सतत, समावेशी, सुशासन, स्थानीय स्वशासन।

Abstract

आधुनिक लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में विकेंद्रीकरण और जनसहभागिता को सुशासन, सतत एवं समावेशी विकास के दो प्रमुख स्तंभों के रूप में स्वीकार किया जाता है। विकास की पारंपरिक केंद्रीकृत व्यवस्था में स्थानीय आवश्यकताओं, क्षेत्रीय विविधताओं तथा नागरिकों की आकांक्षाओं की पर्याप्त अभिव्यक्ति नहीं हो पाती थी। परिणामस्वरूप विकास की योजनाएँ अनेक बार स्थानीय आवश्यकताओं से असंगत सिद्ध हुईं। इस समस्या के समाधान हेतु विकेंद्रीकरण की अवधारणा विकसित हुई, जिसके अंतर्गत निर्णय लेने, संसाधनों के प्रबंधन और प्रशासनिक उत्तरदायित्वों का हस्तांतरण स्थानीय संस्थाओं को किया जाने लगा। इसके साथ ही जनसहभागिता यह सुनिश्चित करती है कि विकास प्रक्रिया में नागरिक केवल लाभार्थी न रहकर नीति-निर्माण, योजना निर्माण, क्रियान्वयन तथा मूल्यांकन प्रक्रिया में भी सक्रिय सहभागी बनें। भारत में 73वें और 74वें संविधान संशोधनों ने स्थानीय स्वशासन को संवैधानिक आधार प्रदान किया तथा लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक विस्तारित किया। इसके बावजूद वित्तीय निर्भरता, प्रशासनिक सीमाएँ, राजनीतिक हस्तक्षेप, सामाजिक असमानताएँ तथा क्षमता-विकास की कमी जैसी समस्याएँ आज भी विकेंद्रीकरण की प्रभावशीलता को प्रभावित करती हैं। इसी प्रकार जनसहभागिता अनेक स्थानों पर केवल औपचारिक प्रक्रिया बनकर रह जाती है। इसलिए आवश्यक है कि विकेंद्रीकरण को केवल प्रशासनिक सुधार न मानकर लोकतांत्रिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की व्यापक प्रक्रिया के रूप में भी देखा जाए। यह शोध पत्र विकेंद्रीकरण और जनसहभागिता की अवधारणाओं, उनके पारस्परिक संबंध को भारतीय संदर्भ में प्रासंगिकता तथा सतत एवं समावेशी विकास में उनकी भूमिका का समालोचनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। साथ ही वर्तमान चुनौतियों एवं सुधार की संभावनाओं पर भी विचार प्रस्तुत करता है।

Author Biographies

  • Dr. Brajendra Singh

    Assistant Professor, Department of Political Science, Samta P.G. College, Ghazipur, Uttar Pradesh

  • Dr. Lal Bahadur Ram

    Associate Professor, Department of Defence and Strategic Studies, Samta P.G. College, Sadat, Ghazipur, Uttar Pradesh

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Published

2026-09-30

How to Cite

A Critical Study of Sustainable and Inclusive Development in the Context of Decentralization and Public Participation: विकेंद्रीकरण और जनसहभागिता के संदर्भ में सतत एवं समावेशी विकास का समालोचनात्मक अध्ययन (https://doi.org/10.5281/zenodo.23005699). (2026). Bundelkhand Journal of Academic Research, 2(3). https://bjss.in/index.php/bjar/article/view/61