A Study of Women's Participation in the Indian Cooperative Sector
भारतीय सहकारी क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता का अध्ययन (https://doi.org/10.5281/zenodo.23005568)
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सहकार, सामुदायिकता, सहकारिता, महिलाएं, सहकारी संस्था, सशक्तिकरण।सार
यह शोध लेख सहकारिता के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और इससे महिलाओं के जीवन में हो रहे सामाजिक-आर्थिक उन्ननयन का विश्लेषण करता है। किसी समान उद्देश्य की प्राप्ति के लिये अनेक व्यक्तियों या संस्थाओं द्वारा समवेत प्रयास सहकार कहलाता है। अनेक व्यक्तियों या समूहों की समान उद्देश्य की पूर्ति के लिये सम्मिलित संस्था को सहकारी संस्था कहते हैं। सहकारिता एक व्यवसाय या संगठन है जिसका स्वामित्व और संचालन उन लोगों द्वारा सामूहिक रूप से किया जाता है जो इसके लिए काम करते हैं। विभिन्न सहकारी समितियों से जुड़ने से महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है, जिससे वे अपने पारिवारिक और सामाजिक निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ रही है। सहकारी समितियों द्वारा महिलाएं भी अपनी आय, आत्मनिर्भरता और सामाजिक गतिशीलता में गुणात्मक बदलाव ला रहीं हैं। पर महिलाओं में औपचारिक शिक्षा की कमी, सामाजिक मान्यताएँ, बाधाएँ, वित्त का अभाव, संसाधनों तक सीमित पहुँच जैसी चुनौतियां अभी भी संरचनात्मक और संस्थागत बाधाओं के रूप विद्यमान हैं। इस शोध पत्र में सुझाव दिया गया है कि महिलाओं को प्रशिक्षण कार्यक्रमों, वित्तीय सहायता कार्यक्रमों तथा सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। इस प्रकार सहकारिता से महिलाओं को स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता सहित विभिन्न पहलुओं में महिलाओं की भागीदारी ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार किया है बल्कि उनके सामाजिक सशक्तिकरण में भी योगदान दिया है।
